क्या झारखंड को मिलेगी एक और Vande Bharat Express ? जानिए इस शहर से रांची का सफर महज 6 घंटे में हो सकता है पूरा ?
झारखण्ड की राजधानी रांची से लेकर पुरी तक वंदे भारत ट्रेन चलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
झारखण्ड की राजधानी रांची से लेकर जगन्नाथ की धरती पुरी तक वंदे भारत ट्रेन चलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस खबर की जानकारी भारतीय रेलवे द्वारा दी गई है। झारखण्ड के ही हटिया से चलने वाली तपस्विनी एक्सप्रेस में होने वाली असहज भीड़और समय सारिणी के साथ दूसरे तकनीकी पहलुओं पर अध्ययन एवं मन्तव्य बनाने के बाद जल्द ही इसी वर्ष आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है ।
झारखण्ड से रांची-पुरी वंदेभारत एक्सप्रेस चलाने को लेकर जोरो सोरो से प्रक्रिया शुरू हो गई है।
झारखण्ड से रांची-पुरी वंदेभारत एक्सप्रेस रांची से चलाने को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारतीय रेलवे बोर्ड से क्षेत्रीय रेलवे कार्यालय को पत्र काफी पहले ही भेजा जा चूका है । इस विषय में कहा गया कि झारखण्ड के हटिया स्टेशन से चल रही तपस्विनी एक्सप्रेस में होने वाली भीड़ और समय सारणी सहित अन्य तकनीकी चीजों पर अध्ययन के उपरांत आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। जिस खबर की पुस्टि जल्द हो जाएगी !
झारखण्ड और अन्य राज्य के यात्री संघों ने रांची-पुरी के लिए स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस देने की मांग जोरो सरो से कर रहे हैं, क्योंकि यात्रियों को लंबा और असहनीय सफर आसानी और सुलभ तरीके से पूरा हो सके । बता दे कि जेडआरयूसीसी के वर्तमान सदस्य श्री अरुण जोशी जी , और सांसद श्री खीरु महतो जी सहित अन्य लोगों और कार्यकर्ताओं के द्वारा झारखण्ड के रांची से पूरी वंदेभारत एक्सप्रेस चलाने की मांग कई बार की गई थी। इनलोगों के द्वारा मांग 2024 और फरवरी 2025 से लगातार की गयी थी । जगन्नाथ की धरती पुरी के लिए वंदेभारत चलने से टूरिस्ट को आने-जाने में काफी सहूलियत और सुलभ होगी। पुरी और भुवनेश्वर में झारखण्ड से पढ़ने वाले इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की भी काफी भरमार रहती है। ऐसे में उन्हें इस ट्रेन के चलने से काफी राहत मिलेगी तथा समय भी बचेगा ।
वर्तमान में जेडआरयूसीसी के सक्रिय सदस्य श्री अरुण जोशी जी ने बताया कि वर्ष 2024 से रांची-पुरी वंदेभारत चलाने की मांग लगातार की गई थी और जोनल उपभोक्ता सलाहकार समिति फरवरी 2025 की बैठक में भी मांग की गई थी। वर्तमान में लगातार मांग कर रहे हैं कि स्लीपर वंदेभारत रांची या हटिया से चले, ताकि यात्रियों का सफर आसान हो। और झारखण्ड को एक नया पहचान मिले ।
- रांची-हावड़ा-रांची वंदेभारत एक्सप्रेस ।
- रांची-वाराणसी-रांची वंदेभारत एक्सप्रेस ।
- रांची-पटना-रांची वंदेभारत एक्सप्रेस।
झारखण्ड के रांची से उत्तर प्रदेश के हरिद्वार और अहमदाबाद के लिए सीधी ट्रेन चलाने की मांग तेज़ी से हो रही ।
झारखण्ड के रांची से उत्तर प्रदेश के हरिद्वार-देहरादून के लिए नई ट्रेन चलाने की मांग भी कई बार की गई है। यह मांग वर्तमान के उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य श्री सतीश सिन्हा जी ने की है। जिस संबंध में दक्षिण-पूर्व रेलवे ने रेलवे बोर्ड को कई बार पत्र भेजा है, वर्तमान में इसके अलावा झारखण्ड के रांची से गुजरात के अहमदाबाद के लिए नई ट्रेन सेवा चलाने का भी अनुरोध किया जा चूका है । इस सन्दर्भ में दक्षिण-पूर्व रेलवे का कहना है कि पिछले दिनों भारतीय रेलवे समय सारणी सम्मेलन में रांची से अहमदाबाद के बीच ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिस पर सहमति बन रही है । जोनल स्तर से रेलवे बोर्ड को पत्र भेजकर भविष्य में ट्रेन चलाने के लिए विचार करने का अनुरोध किया गया है, पर बोर्ड का उत्तर वर्तमान में नहीं आया है , निष्कर्ष के बाद ही सुनिश्चित किया जा सकता है ।
वर्तमान में लगभग 15 घंटे में पूरा हो पता है सफर लेकिन 6 घंटे में पूरा हो सकता है सफर
वर्तमान में हटिया से चलने वाली तपस्विनी एक्सप्रेस झारखण्ड के रांची से दोपहर 2.30 में स्टेशन से खुलती है, जबकि सुबह लगभग 7:30 बजे पुरी स्टेशन पहुंचती है। लेकिन अगर भविष्य में वंदे भारत एक्सप्रेस चलती है तो यह सफर 5 से 6 घंटे में पूरा हो सकता है । जिससे टूरिस्ट और student को आने जाने में काफी सहूलियत हो सकती है । और पुरी और भुवनेश्वर में पढ़ने वाले इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की भी रेलवे में सीट नहीं मिल पति . ऐसे में खासतौर पर रांची से पुरी के लिए वंदे भारत ट्रेन की मांग की गई है। जो की झारखण्ड की दृष्टि से काफी महत्व पूर्ण है
झारखण्ड से 3 वंदे भारत एक्सप्रेस की मांग
झारखण्ड के रांचीवासियों को तीन और वंदे भारत की सौगात मिल सकती है। इन तीन वंदे भारत में से प्रमुख रूप से हटिया-बेंगलुरु, हटिया- रायपुर और हटिया-पुणे यह तीन शामिल हो सकता है। इन तीन वंदेभारत ट्रेन चलाने को लेकर दक्षिण-पूर्वी रेलवे बोर्ड ने सेंट्रल रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भी काफी पहले भेज दिया गया है। 2025 के फरवरी में ही इन तीनो ट्रेनों के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वर्तमान में यह कह पाना की कब तक यह संभव हो पायेगा ये मुश्किल है



